खून में समो लें

आओ भाइयों जिन्दगी को दर्द में भिगो लें 
आओ साथियों आँसुओं को खून में समो लें

इक तरफ ये जिन्दगी जहर बनी
इक  तरफ   बनी   हुई  शराब  है
इक तरफ ये कंटकों की है चुभन
इक  तरफ  ये  पंखुड़ी  गुलाब  है

आओ साथियों कंटकों में जिन्दगी सजो लें

जिन्दगी  के  रास्ते  तो  हैं  बहुत 
मंजिलों  के  ही  पते  हैं  खो  गये 
साथ हम सफर न चल सके कहीं 
बीहड़ों  में  हम   अकेले  हो  गये

आओ साथियों  काफिला नया फिर पिरो लें

हो सका न हल जो आज तक कभी 
जिन्दगी तो वो  जटिल  हिसाब  है 
पढ़ सको  अगर  तो  गौर  कीजिए
ये  दर्द  की  खुली   हुई  किताब  है

आओ साथियों उत्तरों में प्रश्न को डुबो दें

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