इस कुटिलता के लिए दे दूँ बधाई
फोड़ दी मटकी सभी खाकर मलाई
फोड़ दी मटकी सभी खाकर मलाई
उम्र भर के दर्द तो असली दिए है
और भेजी साथ में नकली दवाई
पीठ पीछे गालियाँ देते रहे पर
सामने थकते नहीं करते बड़ाई
प्यार चिड़ियों की तरह इन्सान होके
प्यार चिड़ियों की तरह इन्सान होके
और कुत्तों की तरह करते लड़ाई
ढाल में तो ढल गये जल की तरह पर
चढ़ नहीं पाओगे आगे की चढ़ाई
:-:- बसंत देशमुख -:-:-
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